जानें मॉं चिंतपूर्णी की महिमा
चलो बुलावा आया है
मॉं चिंतपूर्णी ने बुलाया है
क्या आप मॉं चिंतपूणी के दर्शन करने की इच्छा रखते है तो ये लेख आपके लिए है। हो सकता है आपको भी माता के दर्शन का बुलावा आ गया हो और शायद इसलिए ये लेख आपतक पहुंचा हो। इस लेख में मॉं चिंतपूर्णी से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी को हम आप के साथ साझा करेंगे जिसे जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है। अपने सभी भक्तों की चिंता पूर्ण करने वाली मॉं चिंतपूर्णी , मॉं भगवती का ही एक स्वरूप है जिसे छिन्नमस्तिका के नाम से जाना जाता है।एसी मान्यता है कि माता ने अपने एक भक्त पन्डित माई दास की भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हे दर्शन दिए। और माता ने आशिर्वाद स्वरूप अपने भक्त की सभी चिंताओं को हर लिया, इसलिए इस जगह को चिंता पूर्ण करने वाली मॉं चिंतपूर्णी देवी के नाम से जाना जाने लगा। ये 51 शक्ति पीठों में से एक है। और इसकी गिनती हिमाचल प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में भी होती है। जिनमें मॉं नैना देवी, मॉं ब्रज्रेश्वरी या नगर कोट, मॉं बगलामुखी ,मॉं ज्वाला मुखी, और मॉं चामुण्डा देवी शामिल हैं। पूरे साल यहां तीर्थ यात्रियों का तांता लगा रहता है। जलंधर, लुधियाना, फगवाडा,होशियारपुर, रोपड़, नवांशहर व आनंदपुर साहिब के बेहद करीब होने की वजह से यहां वीकेण्ड पर खासी भीड़ रहती है।
दर्शन का उपयुक्त समयवैसे तो मॉ का दरबार भक्तों के लिए पूरे साल खुला रहता है लेकिन फिर भी विशेशकर के
1सावन के महीने में
2 नवरात्रों में
3 प्रत्येक माह की संक्रांति को
4 सप्ताहंत में हर शनिवार व रविवार
यहां पर बहुत भीड़ होती है व आपको दर्शन करने के लिए घंटों लाईन में लगना पड सकता है। सावन के महीने में यहां जगह जगह पर भण्डारे लगते हैं जिससे यहां और भीड बढ़ जाती है। शाम की तुलना में सुबह भीड़ कम होती है। बेहतर होगा आप एक रात पहले आकर होटल में रूकें व अगली सुबह जल्दी उठकर दर्शन कर के, मॉं ज्वालामुखी या मॉं बगलामुखी के दर्शन के लिए निकल जाऐं।
लेकिन फिर भी आपको इन दिनों में आना पडे तो आप मॉं चिंतपूर्णी न्यास कार्यालय से सुगम दर्शन पास बनवा कर दर्शन किये जा सकते हैं जिसका मूल्य है 300 रूपये । इसके अलावा पैंसठ साल से उपर के बुजुर्गों व विकलांग जनों व जन प्रतिनिधियों के लिए वीआईपी दर्शन की निशुल्क व्यवस्था है। साथ ही बुजुर्गों व दिव्यांग जनो के साथ आए सहयोगी को सिर्फ 100 रूपसे देने होंगे। इससे आप को ज्यादा देर लाईन में नही लगना होगा और यदि आप के साथ कोई बुज़र्ग भी हैं तो उन्हें लिफट के जरिऐ सीधे भवन के पास तक पहुंचाया जा सकता है।
वैसे तो यहां रूकने के लिए होटल व धर्मशालाओं की कोई कमी नही है। इसके अलावा आप चाहें तो हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित यात्री भवन में भी कुछ देर के लिए आराम कर सकते है। यहां यात्रियों के बैठने की लिए मुफत सुविधा के साथ साथ स्वच्छ पेयजल व शौचालय की व्यवस्था भी है ।
बारिश के महीने में पहाडों पर जाना थोड़ा जोखिम भरा होता है। उत्तरांचल व हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से ना जाने कितने लोग हर साल विस्थापित होते है । इसलिए अपनी यात्रा की योजना बनाते समय मौसम की जानकारी अवश्य लें। वैसे हल्की बरसात में यहां का मौसम बेहद सुहाना हो जाता है जो आपको डलहौज़ी या मैक्लोड़गंज का एहसास करवाता है। जो आप के सफर को और भी यादगार बना देगा।
कैसे पहुंचें मॉं चिंतपूर्णी
मॉं चिंतपूर्णी मंदिर हिमाचल के उना ज़िले के अम्ब तहसील में स्थित है। ये सड़क द्वारा देश के सभी प्रमुख शहरों के साथ जुडा हुआ है। यहां पहुंचने के लिए आप चंन्डीगढ धर्मशाला हाईवे से आ सकते है अन्यथा दिल्ली अमृतसर जी टी रोड पर फगवाडा से वाया होशियारपुर भी जा सकते है। ये रास्ता भी आपको धर्मशाला वाले रास्ते पर ले जाएगा। इसके अलावा माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए तीन रास्ते और है।
1 यदि आप रेल यात्रा पसंद करते हैं तो नई दिल्ली से वंदे भारत ट्रेन में अम्बाला चंण्डीगढ, आनंदपुर साहिब होते हुए सवा पांच घंटे में अम्ब अंदौरा स्टेशन पहुंच सकते है। यहां से माता का दरबार सिर्फ 22 किमी है। और यह माता के दरबार पहुचने का सबसे सरल और आसान रास्ता है। वैसे इस रूट पर जन षताब्दी व हिमाचल एक्सप्रेस समेंत कई और गाड़ियां भी है जो 7 से आठ घंटों में आपको अम्ब पहुंचा देंगी।
2 दिल्ली से अमृतसर या जम्मू तवी की किसी भी ट्रेन में 6 से सात घंटे की यात्रा कर जलंधर कैण्ट, जलंधर सिटी या फगवाडा जंक्शन पर उतर कर यहां से माता चिंतपूर्णी के लिए बस पकड सकते है जो ढाई से तीन घंटे में आपको माता के दरबार पहुंचा देगी। जलंधर से माता का दरबार सिॅर्फ 92 किमी है। और फगवाडा से लगभग 82 किमी।
3 तीसरा विकल्प है दिल्ली से होशियारपुर की ट्रेन जो 11 घंटे में आपको होशियारपुर पहुंचा देगी। यहां से मॉं चिंतपूर्णी के लिए आपको हर आधे घंटे में बस मिलेगी जो डेढ से दो घंटे में माता के दरबार पहुंचा देगी। हालांकि होशियारपुर से दिल्ली के लिए सिर्फ एक ही ट्रेन उपलब्द्व है क्योकि ये मेंन रेल रूट पर नहीं है।
मॉं चिंतपूर्णी के आस पास घूमने की जगहें व दूरी
1 मॉं ज्वालामुखी 30 किमी
2 मां बृज्रेश्वरी देवी, कांगडा 60 किमी
3 मॉं नैना देवी 112 किमी
4 चामुण्डा देवी 77 किमी
5 मॉं बगलामुखी 65 किमी
6 धर्मशाला 75 किमी
7 ड़लहौजी 148 किमी
8 मनाली 300 किमी
9 चंडीगढ़ 175 किमी
10 अमृतसर 160 किमी
ध्यान रखने योग्य बातें
1 सितम्बर से लेकर मार्च तक यहां मौसम बढिया रहता है। लेकिन यहां सर्दी जल्दी रू हो जाती है। इसलिए अच्छे गर्म कपडे लेकर चलें। खासकर के बच्चों के लिए।
2 वैसे तो मंदिर परिसर व उसके आस पास सिगरेट व शराब पीने पर पाबंदी होती है इसलिए आप स्वयं मंदिर की गरिमा का ख्याल रखें। ,
3 मंदिर परिसर में विशेशकर के मुख्य मंदिर में फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी की सख्त मनाही है पकडे जाने पर कैमरा जब्त भी किया जा सकता है।। मुख्य मंदिर को छोडकर आप बाकी जगहों की तस्वरें ले सकते हैं।
4 होटल पहले से ही बुक करवा के आऐं अन्यथा यहां आकर फिजूल में समय खराब होगा व बिलावजह परेशानी भी होगी । ऑनलाईन बुकिंग करना हमेंशा किफायती होता है।
5 यहां पर ज्यादातर धर्मशालाओं में बड़े बडे हॉल की सुविधा है। और वे नवयुवकों की तुलना में परिवार के साथ आए दर्शनार्थियों को पहले तवज्जो देते हैं।
6 अगर आप अपनी गाड़ी से आ रहे है तो मंदिर परिसर से थोडा दूरी पर होटल बुक कर सकते हैं। क्योंकि परिसर के पास होटल तो हैं लेकिन वहां पर मेन मार्केट होने की वजह से बहुत भीड़ रहती है।
7 वैसे बस स्टैण्ड के पास आपको बहुत से होटल आराम से मिल जाऐंगे।
8 वैसे तो श्रद्धालु अपनी मन्नत व श्रद्धा अनुसार प्रसाद व अन्य चीजे़ माता को चढाते है लेकिन यहां पर अधिकांश लोग हलवा,नारियल व बर्फी का भोग लगाते है। तो वहीं कुछ लोग माता की अखण्ड जोत के लिए शुद्ध घी भी लाना पसंद करते है आप भी ऐसा कर सकते है। बाकी जैसी आपकी श्रद्धा, माता भक्त की भक्ती से प्रसन्न होती है।
9 और एक आखिरी बात, यदि आप मॉं से कोई मन्नत मांगते है और उसके लिए मौली या लाल धागा यहां बांधते हैं तो मन्नत पूरी होने पर उसे खोलने जरूर आऐं।
ये ब्लॉग यदि आपके पास पित्र पक्ष के दौरान आया है तो आप इसे मातारानी का एक इशारा समझिए और जल्द ही माता के दरबार में आकर हाजरी लगाईये और देखिये कैसे आप के बिगडे काम बनने लगते है।
जयकारा मॉं शेरावाली का, बोल सांचे दरबार की जय। माता रानी आपके सभी मुरादें पूरी करे।







आपके द्वारा दिए गए जानकारियों के लिए धन्यवाद भाई जी
ReplyDeleteRead your blog and truly loved it! Really appreciate the way you wrote it. Waiting for you to visit Jawalaji and share a blog about the divine experience you’ll surely have so Keep writing, it’s very inspiring!Jai Mata Di
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